श्री त्रिदंडी देव सेवाश्रम संस्थान, सिलवासा की ओर से सभी मित्रों, शुभचिन्तकों एवं सभी वैष्णवों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें । आप सभी पर माँ लक्ष्मी एवं भगवान नारायण की कृपा सदैव बनी रहे ।। नारायण नारायण ।।

भक्ति की पराकाष्ठा ।। Sampurna Samarpan.

भक्ति की पराकाष्ठा ।। Sampurna Samarpan.

जय श्रीमन्नारायण,

वाणी गुणानुकथने श्रवणौ कथायां,
                                    हस्तौ च कर्मसु मनस्तव पादयोर्न: ।।
स्मृत्यां शिरस्तव निवासजगत्प्रणामे,
                                  दृष्टि: सतां दर्शनेअस्तु भवत्तनुनाम्।।
(श्रीमद्भागवतम 10वां स्कन्ध 10वां अध्याय श्लोक 38)

अर्थ:- प्रभो ! हमारी वाणी आपके मंगलमय गुणोंका वर्णन करती रहे । हमारे कान आपकी रसमयी कथामें लगी रहें । हमारे हाथ आपकी सेवा में और मन आपके चरण-कमलों की स्मृति में रम जाएँ । यह सम्पूर्ण जगत् आपका निवास-स्थान है । हमारा मस्तक सबके सामने झुका रहे । सन्त आपके प्रत्यक्ष शरीर हैं । हमारी ऑंखें उनके दर्शन करती रहें ।।

हे नाथ ! हे मेरे नाथ ! मैं आपको भूलूँ नहीं !
हे गोविंद ! हे गोपाल ! हे गिरधर ! हे मेरे प्रभु !
मैं आपका हूँ ! और आप सिर्फ मेरे हैं ।।

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नारायण सभी का नित्य कल्याण करें ।। Sansthanam.

।। नारायण नारायण ।।

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