आई लव यू कह देने मात्र से प्रेम सिद्ध नहीं हो जाता ।।

आई लव यू कह देने मात्र से प्रेम सिद्ध नहीं हो जाता ।। I Love You Saying Just does not

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वैदिक संस्कृति में मुख्य रूप से सोलह संस्कार माने गए है ।।

“संस्कार” चरक ॠषि ने कहा है:- “संस्कारो हि गुणान्तराधानमुच्यते” ।। अर्थात् पहले से विद्यमान दुर्गुणों को हटाकर उनकी जगह सद्

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संत होने का अर्थ मनुष्यत्व को खोना नहीं है।।

जय श्रीमन्नारायण, संत होने का अर्थ मनुष्यत्व को खो देना नहीं है, अपितु स्वच्छ समाज का निर्माण करना ही है

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हमारे जीवन के कुछ यथार्थ सत्य ।।

मित्रों, वाल्मीकि रामायण के अयोध्याकाण्ड के अंतर्गत कुछ जीवन के यथार्थ हैं, आइये उसे जानें और जीवन में अपनाने का

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ज्ञान और अज्ञान में अन्तर ।।

जय श्रीमन्नारायण, पूतना = पूत का अर्थ है = पवित्र और ना का अर्थ है = नहीं ।। पूत ना

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