श्री यन्त्रम् की चमत्कारिक शक्तियाँ ।।।

जय श्रीमन्नारायण,

मित्रों, ज्यादातर लोग श्रीयंत्र को लक्ष्मी प्राप्ति का ही माध्यम समझते हैं ! परन्तु श्रीयंत्र केवल धन प्राप्ति का ही नहीं, अपितु यह अपने आप में इतनी शक्ति समेटे हुए है, की यह संसार के सारे सुख देने में पूर्ण समर्थ है !!Related image

एक दक्षिण भारतीय पौराणिक गाथा के अनुसार लक्ष्मी जी, अपने पति  भगवान नारायण से रुष्ट हो कर वैकुण्ठ से चली गई ! तो लक्ष्मीजी की अनुपस्थिति में भगवान नारायण बहुत परेशान हुए ! तब महर्षि वशिष्ठ और श्री विष्णु ने मिलकर लक्ष्मीजी को बहुत ढूंढा, फिर भी लक्ष्मी जी कहीं नहीं मिलीं ! तब देवगुरु बृहस्पति ने एक उपाय किया, लक्ष्मीजी को आकर्षित करने के लिए “”श्रीयंत्र”” नामक एक यंत्र की रचना की ! तथा वैदिक रीती से उसके स्थापन एवं पूजन का उपाय बताया ! इस यंत्र का ऐसा प्रभाव हुआ, की माताजी अपने-आप को रोक ना सकीं, और वापस भगवान नारायण को प्राप्त हुई !!Shri Yantram

तब भगवान् नारायण ने स्वयं अपने श्रीमुख से कहा – की जो कोई भी  , व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक इस विधि से श्रीयंत्र के उपर, देवी लक्ष्मी की आराधना करेगा ! उसके घर में सर्वदा अष्ट-लक्ष्मी का निवास होगा ! तथा माता लक्ष्मी ने भी कहा ” श्रीयंत्र ही मेरा आधार है, और इस यंत्र में मेरी आत्मा निवास करती है, इसी लिए इसी विवसता वश मुझे आना ही पड़ा ! अत: आज के उपरांत जो कोई भी व्यक्ति, किसी श्रेष्ठ वेदज्ञ-जानकार ब्राह्मण से, विधि पूर्वक इसकी प्राण-प्रतिष्ठा कराकर, अपने घर में स्थापित करेगा, उसके उपर मेरी पूर्ण कृपा होगी !!
Shri Yantram Shri YantramShri Yantram

एक अन्य आख्यान में श्रीयंत्र का सम्बन्ध जगतगुरु आद्य शंकराचार्य से जोड़कर बताया गया है ! एक बार भारत वर्ष में आकाल का संकट उपस्थित हो गया, तथा चारो तरफ बहुत परेशानी व्याप्त हो गई ! तब श्री शंकराचार्य जी ने आशुतोष भगवान शिव से इस आकस्मिक संकट से निवृत्ति का उपाय पूछा ! तब भगवान आशुतोष ने विश्व कल्याणार्थ “”श्रीयंत्र और श्रीविद्या”” प्रदान करते हुए, आद्य गुरु शंकर को एक विधि बताई ! और कहा की श्रीविद्या की साधना इस विधि के अनुसार करके, मनुष्य अपार यश और लक्ष्मी का स्वामी सकेगा ! जबकि इस श्रीयंत्र का पूजन करने वाला प्रत्येक प्राणी सभी देवताओ की आराधना का फल प्राप्त करेगा ! क्यों की इस यंत्र राज “श्रीयंत्र” में सभी देवी देवताओ का वास है !!
Shri Yantram
वैसे तो यह यंत्र हमारे पूर्व के आचार्यों द्वारा ताम्र पत्र पर, स्वर्ण पत्र पर  अथवा भोजपत्र आदि पर भी बनाया जाता रहा है ! लेकिन आज के समय में यह यंत्र, स्फटिक के ऊपर बना हुआ हो, तो पूर्ण कारगर होता है !!

इस यंत्र के ऊपर समस्त देवियों के लिए स्थान निर्धारित होता है ! तथा इसमें प्रधान रूप से कुल देवी का स्थान मान्य होता है ! इसके साथ-साथ श्री देवी, भू देवी, अष्ट लक्ष्मी, महालक्ष्मी, सिद्ध लक्ष्मी, मोक्ष लक्ष्मी, जय लक्ष्मी, स्थिर लक्ष्मी, महाकाली, महासरस्वती तथा वर लक्ष्मी का स्थान मुख्य रूप से माना जाता है !!

ओरिजनल स्फटिक के ऊपर बने इस यंत्र का आकार पिरामिड जैसा प्रतीत होता है ! पिरामिड जो कि आज के प्रमुख आचार्यों का शोध है, कि इसे घर में लगाने अथवा घर में रखने से घर का सम्पूर्ण वास्तु दोष समाप्त हो जाता है, और शुभ फलों कि प्राप्ति होती है !!

लेकिन जरूरी है, कि इस यंत्र कि विशेष कड़ियों को जानकर, उसके  अनुसार इसकी प्रतिष्ठा की जाय ! और इसके लिए साधना कि आवश्यकता है ! बाजार में मिल रहे यंत्रों में सामान्यतया कुछ नहीं होता ! वो महज एक खिलौना मात्र है, जिसका कोई उपयोग नहीं है !!
Crystal shri yantra
इसके लिए जरूरत है, उपनिषदों के ज्ञान की, और उसके अनुसार साधना करने की ! जो आचार्य इसकी साधना किए बिना इसे किसी को थमा देते हैं, ऐसे आचार्य, लोगों का धर्म पर से विश्वास कम कर रहे हैं ! थोड़े से धन के लोभ में धर्म पर से लोगों के विश्वास को कम करना घोर अपराध है !!

वैसे तो ठाकुर जी की सेवा एवं अग्नि देव कि उपासना ही सुबह से शाम तक मेरा काम है ! तथा फुरसत के समय में, कुछ नया जानने का प्रयास ही मेरा ज्ञान है ! और इसी प्रयास ने मुझे श्रीयंत्र की साधना का ऐसा चमत्कारिक मार्ग प्रदान किया, की आज तक मैंने अपने हाथों से प्रतिष्ठा करके श्रीयंत्र, जिसे भी प्रदान किया है, उसको सुबह और शाम के मध्य ही लाभ हुआ है ! मेरी आँखों के सामने ऐसे हजारों प्रमाण उपलब्ध हैं, तथा मैं खुद इस बात का स्वयं प्रमाण हूँ !!
Shri Yantra
अगर गृह कलह से आप जूझ रहें हैं, लक्ष्मी आती है, लेकिन रुकती नहीं है ! घर में वास्तु दोष है, बच्चों का पढने में मन नहीं लगता ! आपकी नौकरी बार-बार छूट जाती है, अथवा आपको अपने धंधे से लाभ शुन्य होता है ! तो आप विधि पूर्वक प्रतिष्ठा किया हुआ, श्रीयंत्र आज ही अपने घर ले आइये ! और कल आपको फायदा हो, तो मेरा नाम लेकर मेरा प्रचार करें अथवा ना करें, अपने धर्म का प्रचार अवश्य कीजिये ! लोगों को बताइये की हमने किसी विद्वान् वैदिक ब्राह्मण से एक कोई यंत्र बनवा कर घर में रखा, जिसके फलस्वरूप हमारे यहाँ लक्ष्मी की वर्षा हुई !!

और भगवान श्री वेंकटेश स्वामी तथा माता महालक्ष्मी का प्रचार कीजिये, कि आपको माताजी के पूजन से अथवा बालाजी भगवान कि आराधना का फल मिला है ! धर्म का प्रचार करिये, क्योंकि कुछ विकृत मानसिकता के लोगों के वजह से जो धर्म के नाम पर समाज में अपभ्रंश प्रचारित हुआ है ! उसे समाप्त करके, सच्चे धर्म से होने वाले लाभ को प्रदर्शित करके, भटके हुए समाज को पुनः धर्म से जोडना है, और इसमें आपका सहयोग जरुरी है !!
Crystal shri yantra
पूजा विधि:—-

विधि पूर्वक प्रतिष्ठा किए हुए यंत्र को घर ले जाकर, एक ताम्बे के छोटे से प्लेट में, सिंदूर अथवा अष्टगंध के ऊपर स्थापित कर दीजिए ! सुबह उठकर नहा-धोकर सूर्यार्घ आदि से निवृत्त होकर पूजा घर में आइये ! फिर यंत्र को उस स्थान से उठाकर, शुद्ध जल से धोकर, एक कटोरी में रख लीजिए ! एक दूसरे कटोरी में शुद्ध जल और चम्मच ले लीजिए ! अब आपको जो (गुप्त) मन्त्र, यंत्र के साथ प्राप्त हुआ है, उस मन्त्र को बोलते हुए – जल को चम्मच, श्रृंगी अथवा दक्षिणावर्ती शंख से यंत्र के ऊपर गिराते हुए अभिषेक करना है !!
Crystal sri yantra
अभिषेक के उपरांत यंत्र को सूखे कपडे से साफ करके यथास्थान स्थापित कर दीजिए ! फिर घर में जैसे आप नियमित पूजा करते हैं, वैसे ही धुप, दीप तथा नैवेद्य आदि से पूजा करें ! प्रार्थना नमस्कार आदि के बाद आप फ्री हो गए !!

अब आप अभिषेक के जल को स्वयं तिन बार तिन चम्मच ग्रहण करें ! घर के सभी सदस्यों को तथा बच्चों को भी पिलायें ! बचे हुए जल में से हल्का घर तथा अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों में छिड़क देवें, और बाकि का जल तुलसी के जड में डाल दें !!

वो गुप्त मन्त्र यंत्र के साथ आपको मिल जायेगा !!

श्रीयंत्र अपने घर लायें, संसार का सम्पूर्ण सुख सहज ही पायें !!!

Contt to – Balaji Ved Vidyalaya, Tirupati Balaji Mandir,

Amli. Silvassa.

Contt. No – +91- 9375288850, +91- 9408446211.

Web ::   www.sansthanam.com

E-Mail :: www.sansthaanam@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *