परमादरणीय श्री श्री जियर स्वामी जी महाराज ।।

जय श्रीमन्नारायण, ईश्वर, प्रकृ्ति और जीवन का जो ज्ञान है—वो हैं वैदिक ज्ञान. सृ्ष्टि के प्रारम्भ में मानव की भलाई

Read more

उमामहेश्वरस्तोत्रम् ।।

श्री शङ्कराचार्य कृतम् ।। नमः शिवाभ्यां नवयौवनाभ्याम् परस्पराश्लिष्टवपुर्धराभ्याम् । नागेन्द्रकन्यावृषकेतनाभ्याम् नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥ १॥ नमः शिवाभ्यां सरसोत्सवाभ्याम् नमस्कृताभीष्टवरप्रदाभ्याम् ।

Read more

अथ आर्तिहरस्तोत्रम् ।।

श्री शंभो मयि करुणाशिशिरां दृष्टिं दिशन् सुधावृष्टिम्। सन्तापमपाकुरुमे मन्तापरमेश तव दयायाः स्याम् ॥ १॥ अवसीदामि यदार्तिभिरनुगुणमिदमोकसोंहसां खलु मे। तव सन्नवसीदामि

Read more

अनादि कल्पेश्वर स्तोत्रम् ।।

श्रीगणेशाय नमः ॥ कर्पूरगौरो भुजगेन्द्रहारो गङ्गाधरो लोकहितावहः सः । सर्वेश्वरो देववरोऽप्यघोरो योऽनादिकल्पेश्वर एव सोऽसौ ॥ १॥ कैलासवासी गिरिजाविलासी श्मशानवासी सुमनोनिवासी

Read more

अथ कुञ्जिकास्तोत्रम् अथवा सिद्धकुञ्जिकास्तोत्रम् ।।

श्री गणेशाय नमः ।। ॐ अस्य श्रीकुञ्जिकास्तोत्रमन्त्रस्य सदाशिव ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्रीत्रिगुणात्मिका देवता, ॐ ऐं बीजं, ॐ ह्रीं शक्तिः, ॐ

Read more

देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम् ।।

ॐ अपराधशतं कृत्वा जगदम्बेति चोच्चरेत् । यां गतिं समवाप्नोति न तां ब्रह्मादयः सुराः ॥ १॥ सापराधोऽस्मि शरणं प्राप्तस्त्वां जगदम्बिके ।

Read more

Bhagwat Katha By Swami Jee Maharaj

  Contact to “LOK KALYAN MISSION CHARITABLE TRUST” to organize Shreemad Bhagwat Katha, Free Bhagwat Katha, Satsang.in your area. you

Read more

श्रीअन्नपूर्णास्तोत्रम् या अन्नपूर्णाष्टकम् ॥

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी । प्रालेयाचलवंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी ॥ १॥ नानारत्नविचित्रभूषणकरी हेमाम्बराडम्बरी मुक्ताहारविलम्बमान विलसत् वक्षोजकुम्भान्तरी ।

Read more

Bhagwat Katha By Swami Sri Dhananjay Maharaj

  Contact to “LOK KALYAN MISSION CHARITABLE TRUST” to organize Shreemad Bhagwat Katha, Free Bhagwat Katha, Satsang.in your area. you

Read more

Bhagwat Katha By Swami Dhananjay Ji Maharaj

  Contact to “LOK KALYAN MISSION CHARITABLE TRUST” to organize Shreemad Bhagwat Katha, Free Bhagwat Katha, Satsang.in your area. you

Read more