Tritiya Skandha, A-13.

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय -13. 03130010  श्रीशुक उवाच03130011  निशम्य वाचं वदतो मुनेः पुण्यतमां नृप03130012  भूयः पप्रच्छ कौरव्यो वासुदेवकथादृतः03130020  विदुर उवाच03130021  स... Details

Tritiya Skandha, A-14.

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय -14. 03140010  श्रीशुक उवाच03140011  निशम्य कौषारविणोपवर्णितां हरेः कथां कारणसूकरात्मनः03140012  पुनः स पप्रच्छ तमुद्यताञ्जलिर्न चातितृप्तो विदुरो धृतव्रतः03140020  विदुर... Details

Tritiya Skandha, A-15

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय -15. 03150010  मैत्रेय उवाच03150011  प्राजापत्यं तु तत्तेजः परतेजोहनं दितिः03150012  दधार वर्षाणि शतं शङ्कमाना सुरार्दनात्03150021  लोके तेनाहतालोके लोकपाला... Details

Tritiya Skandha, A-16

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय -16. 03160010  ब्रह्मोवाच03160011  इति तद्गृणतां तेषां मुनीनां योगधर्मिणाम्03160012  प्रतिनन्द्य जगादेदं विकुण्ठनिलयो विभुः03160020  श्रीभगवानुवाच03160021  एतौ तौ पार्षदौ मह्यं... Details

Tritiya Skandha, A-17.

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय -17. 03170010  मैत्रेय उवाच03170011  निशम्यात्मभुवा गीतं कारणं शङ्कयोज्झिताः03170012  ततः सर्वे न्यवर्तन्त त्रिदिवाय दिवौकसः03170021  दितिस्तु भर्तुरादेशादपत्यपरिशङ्किनी03170022  पूर्णे वर्षशते... Details

Tritiya Skandha, A-18.

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय -18.03180010  मैत्रेय उवाच03180011  तदेवमाकर्ण्य जलेशभाषितं महामनास्तद्विगणय्य दुर्मदः03180012  हरेर्विदित्वा गतिमङ्ग नारदाद्रसातलं निर्विविशे त्वरान्वितः03180021  ददर्श तत्राभिजितं धराधरं प्रोन्नीयमानावनिमग्रदंष्ट्रया03180022  मुष्णन्तमक्ष्णा... Details

Tritiya Skandha, A-19.

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय -19.03190010  मैत्रेय उवाच03190011  अवधार्य विरिञ्चस्य निर्व्यलीकामृतं वचः03190012  प्रहस्य प्रेमगर्भेण तदपाङ्गेन सोऽग्रहीत्03190021  ततः सपत्नं मुखतश्चरन्तमकुतोभयम्03190022  जघानोत्पत्य गदया हनावसुरमक्षजः03190031 ... Details

Tritiya Skandha, A-20.

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय - 20. 03200010  शौनक उवाच03200011  महीं प्रतिष्ठामध्यस्य सौते स्वायम्भुवो मनुः03200012  कान्यन्वतिष्ठद्द्वाराणि मार्गायावरजन्मनाम्03200021  क्षत्ता महाभागवतः कृष्णस्यैकान्तिकः सुहृत्03200022  यस्तत्याजाग्रजं... Details

Tritiya Skandha

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय - 21 03210010  विदुर उवाच03210011  स्वायम्भुवस्य च मनोरंशः परमसम्मतः03210012  कथ्यतां भगवन्यत्र मैथुनेनैधिरे प्रजाः03210021  प्रियव्रतोत्तानपादौ सुतौ स्वायम्भुवस्य वै03210022 ... Details

Tritiya Skandha

श्रीमद्भागवत् महापुराण ।। स्कन्ध - तृतीय ।। अध्याय - 22. 03220010  मैत्रेय उवाच03220011  एवमाविष्कृताशेष गुणकर्मोदयो मुनिम्03220012  सव्रीड इव तं सम्राडुपारतमुवाच ह03220020  मनुरुवाच03220021  ब्रह्मासृजत्स्वमुखतो युष्मानात्मपरीप्सया03220022  छन्दोमयस्तपोविद्या... Details