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जाती प्रमाण के विषय में।।

जाती प्रमाण के विषय में।। Aapki Jati Kya Hai. जय श्रीमन्नारायण, Sansthanam - Sanchalak - Bhagwat Pravakta - Swami Dhananjay Maharaj. न जारजातस्य ललाटशृंगं कुल प्रसूतेर्न च...

ग्रह बाधा दूर करने का सहज उपाय रुद्राक्ष।।

ग्रह बाधा दूर करने का सहज उपाय रुद्राक्ष।। Rudaksh Se Grah Badha Dur Hogi. नमों नारायणाय, रुद्राक्ष धारयेद्बुध: -- इस सूत्र के अनुसार ज्ञानी जनों को रुद्राक्ष...

ब्रह्मज्ञान क्या है तथा कैसे प्राप्त हो?।।

ब्रह्मज्ञान क्या है तथा कैसे प्राप्त हो?।। Brahmagyan Kya Hai. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, रोमन ग्रन्थ में एक कहानी मिलती है। क्योंकि रोमन सभ्यता हमारी वादिक सभ्यता...

ज्ञान और मुक्ति के बीच का मार्ग कर्म ही है।।

ज्ञान और मुक्ति के बीच का मार्ग कर्म ही है।। Gyan Mukti Aur Karma. जय श्रीमन्नारायण, यस्य नास्ति स्वयं प्रज्ञा शास्त्रं तस्य करोति किम्।। लोचनाभ्यां विहीनस्य दर्पणः...

तथाकथित ज्ञानियों को भगवान का गीता में सन्देश।।

तथाकथित ज्ञानियों को भगवान का गीता में सन्देश।। Gyaniyon Ko Gita Ka Sandesh. जय श्रीमन्नारायण, सक्ताः कर्मण्यविद्वांसो यथा कुर्वन्ति भारत।। कुर्याद्विद्वांस्तथासक्तश्चिकीर्षुर्लोकसंग्रहम्‌।। अर्थ : हे भारत! कर्म में आसक्त...

यज्ञ से ही सृष्टि का संतुलन संभव?

यज्ञ से ही सृष्टि का संतुलन संभव?।। Yagya Hi Jivan Hai. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, यज्ञ एवं वनस्पतियाँ दो ही ऐसे उपाय हैं, जो प्रकृति को सुचारू...

माया महा ठगनी हम जानीं।।

माया महा ठगनी हम जानीं।। Maya Thagini Hai. जय श्रीमन्नारायण, दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया। मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते॥गीता अ.७.श्लोक,१३. अर्थ : हे अर्जुन! क्योंकि...

कर्म एवं सन्यास योग की परिभाषा।।

कर्म एवं सन्यास योग की परिभाषा।। Karm And Sanyas Yoga. जय श्रीमन्नारायण, सन्न्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि। यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्चितम्‌।। अर्थ:- अर्जुन बोले- हे कृष्ण!...

शास्त्र ज्ञान से ही समाज का हित संभव।।

शास्त्र ज्ञान से ही समाज का हित संभव।। Shastra Samaj Ka Hit Chintak. जय श्रीमन्नारायण, त्रैविद्या मां सोमपाः पूतपापा यज्ञैरिष्ट्‍वा स्वर्गतिं प्रार्थयन्ते।। ते पुण्यमासाद्य सुरेन्द्रलोकमश्नन्ति दिव्यान्दिवि देवभोगान्‌।।...

भगवान के स्वरुपों द्वारा प्रकृति का सन्देश।।

भगवान के स्वरुपों द्वारा प्रकृति का सन्देश।। Bhagwan Ke Rupon Se Prakriti Ka Sandesh. Nature;s message through the forms of God. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, हमारे वैदिक सनातन...

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मत्स्य अवतार का रहस्य।।

मत्स्य अवतार का रहस्य।। Matsya Avatar Ka Rahasya. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, एक बार एक बहुत बड़े दैत्य ने वेदों को चुरा लिया। उस दैत्य का नाम...

खुशियों तक पहुंचने वाले मार्ग।।

खुशियों तक पहुंचने वाले मार्ग।। Khushiyon Ke Marg. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, कभी-कभी बहुत छोटे-छोटे सूत्र हमें जिंदगी के बड़े सबक सिखा जाते हैं। यह आवश्यक नहीं...

प्यार के रिश्ते आखिर टूटते क्यों हैं।।

प्यार के रिश्ते आखिर टूटते क्यों हैं।। Pyar Ke Riste Tutate Kyon Hai. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, नारद भक्तिसूत्र में नारद जी ने प्रेम की व्याख्या अपने...

चरित्र ही मानव जीवन की स्थायी निधि है।।

चरित्र ही मानव जीवन की स्थायी निधि है।। Charitra Hi Manushy Ka Dhan Hai. जय श्रीमन्नारायण, Character is the permanent fund of human life. मित्रों, सद्भावना...
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