मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो।।

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tum meri sanse ho
tum meri sanse ho

मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो।। Mai Dil Hun tum Meri Sanse Ho.

जय श्रीमन्नारायण,

       मेरे प्यारे कन्हैया जी, मेरे प्रियतम कान्हा जी !

             प्यारे ! मेरे दिन-रात बुलाने पर भी नहीं आते?

                      मेरे प्यारे कन्हैया जी, मेरे प्रियतम कान्हा जी !

                                      प्यारे ! मेरे दिन-रात बुलाने पर भी नहीं आते?

tum Meri Sanse Ho

मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो ।।
मैं जिस्म हूँ तुम मेरी जान हो ।।
मैं चाहत हूँ तुम मेरी इबादत हो ।।
मैं नशा हूँ तुम मेरी आदत हो प्यारे ।।

tum Meri Sanse Ho

क्या मेरे पलकों में भरे आंसू भी,
तुम्हें पानी सा लगता है ?
क्या हमारा टूट कर चाहना भी,
तुम्हें नादानी सा लगता है ?।।

प्यारे! आंसू बहे तो एहसास होता है।
आपके बिना जीवन कितना उदास होता है।।
आप सदा ही चाँद की तरह चमकते रहें।
आपकी याद भी कहाँ हर किसी के पास होता है।।

हकीकत बयां करूँ तो प्यारे! मैं आपके इन्तजार में हूँ।
पर क्या करूँ? अटक सा गया हूँ, नए रिश्तों की दीवार में हूँ।।

कभी तो आ भी जाओ प्रियतम ! क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।

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जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम् ।।

जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।

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