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चिंता “चिता” एवं चिंतन “अमृत” समान है।।

चिंता "चिता" एवं चिंतन "अमृत" समान है।। Chintan Amrit Saman Hai. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, शास्त्रानुसार दो प्रकार के रोग बताए गए हैं। एक होता है शारीरिक...

कुरु का जन्म एवं कुरुवंश का विस्तार।।

कुरु का जन्म एवं कुरुवंश का विस्तार।। Kuru Se Kuruvansh Ka Vistar. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, कुरुवंश के प्रथम राजा का नाम कुरु था। कुरु बड़े प्रतापी...

सत्संग ऐसे जीवन बदलता है।।

सत्संग ऐसे जीवन बदलता है।। Satsang Se Jivan Badal Jata Hai. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, किसी नगर में एक बूढ़ा चोर रहता था। सोलह वर्षीय उसका एक...

सौ हाथ से कमा हजार हाथ से दान करें।।

सौ हाथ से कमा हजार हाथ से दान करें।। Daan Ki Mahima. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, अथर्ववेद में दान की बहुत बड़ी महिमा बतायी गयी है। कहा...

कामदा एकादशी व्रत कथा एवं विधि।।

कामदा एकादशी व्रत कथा एवं विधि।। Kamda Ekadashi Vrat Katha And Vidhi. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, एक समय भगवान श्रीकृष्ण आनन्द से बैठे थे। तभी धर्मराज युधिष्ठिर...

उषाकाल में जागने के फायदे-सामवेद।।

उषाकाल में जागने के फायदे-सामवेद।। Pratah Jagne Ka Labh-Samveda. मित्रों, सामवेद का स्पष्ट संदेश है, कि उषाकाल में जागना स्वास्थ्यवर्द्धक होता है। सामवेद के अनुसार...

ब्रह्मादी देवो द्वारा स्तुति-रामचरितमानस।।

ब्रह्मादी देवो द्वारा स्तुति।। - रामचरितमानस।। Bhagwan Ki Stuti Devon Dwara. शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णम् शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनं योगिभिध्यार्नगम्यम्, वंदे विष्णुम् भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।। जय जय सुरनायक...

कलियुगी ज्ञानवीरों से बचने का उपाय संकीर्तन।।

कलियुगी ज्ञानवीरों से बचने का उपाय संकीर्तन।। Kaliyugi Guanveero Ka Samadhan. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, जिस प्रकार वर्षाऋतु मेँ संध्या समय वृक्षोँ की चोटी पर इधर-उधर अनेक...

मुक्ति अर्थात आत्मकल्याण की अवस्था।।

मुक्ति अर्थात आत्मकल्याण की अवस्था।। Mukti Ka Samay. कौमार आचरेत्प्राज्ञो धर्मान् भागवतानिह। दुर्लभं मानुषं जन्म तदप्यध्रुवमर्थदम्।। मित्रों, इस संसार मेँ मानव जन्म अति दुर्लभ है। इसके सहारे...

कालीयनाग के दमन का रहस्य।।

कालीयनाग के दमन का रहस्य।। Kaliya Daman Ka Rahasy. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, कालिया नाग का फन तो मर्यादित था, किन्तु हमारे तो हजारोँ है। हमारे संकल्प-विकल्प...

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सभी की नज़रों में अच्छा कैसे बनें रहें।।

सभी की नज़रों में अच्छा कैसे बनें रहें।। SAbki Najaro Me Achchhe Bane. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, एक बार कक्षा दस की हिंदी शिक्षिका अपने छात्र को...

जानते हुए भूलकर भी अधर्म ना करें।।

जानते हुए भूलकर भी अधर्म ना करें।। Dharm Kare Adharm Nahi. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, एक बार की बात है, एक जंगल की राह से एक जौहरी...

देवालय-निर्माण से प्राप्त होने वाले फल।।

देवालय-निर्माण से प्राप्त होने वाले फल।। Mandir Nirman Ka Fal. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, भगवान् लक्ष्मीनारायण अथवा वासुदेव आदि विभिन्न स्वरूपों के निमित्त मंदिर का निर्माण कराने...

मत्स्य अवतार का रहस्य।।

मत्स्य अवतार का रहस्य।। Matsya Avatar Ka Rahasya. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, एक बार एक बहुत बड़े दैत्य ने वेदों को चुरा लिया। उस दैत्य का नाम...
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