HomeArticlesKrishna Prem Ki Shayariyanश्यामसुन्दर का सौंदर्य।।

श्यामसुन्दर का सौंदर्य।।

श्यामसुन्दर का सौंदर्य।। Shyam Sundar Ka Saundarya

भूमिका:- श्यामसुन्दर श्रीकृष्ण का वह स्वरूप है, जिसमें सौंदर्य, करुणा और माधुर्य का अद्भुत समन्वय है। उनका रूप केवल नेत्रों को नहीं, अपितु आत्मा को भी आलोकित कर देता है। इस रचना में उसी सौंदर्य का मधुर वर्णन है। श्यामसुन्दर श्रीकृष्ण के सौंदर्य और माधुर्य पर आधारित यह संस्कृतनिष्ठ हिंदी शायरी मन को मोह लेने वाली रचना है।।

शायरी:-

श्यामसुन्दर का दिव्य रूप, मन को हर क्षण मोहित करे।।
उनकी छवि में ही भक्त का, अंतर सदा प्रकाशित रहे।।

नील-मेघ-सा गहन वर्ण, और अधरों पर मधुर मुस्कान।।
ऐसे श्रीकृष्ण को पाकर, धन्य हुआ यह सब स्थान।।

उनकी एक झलक से ही, तमस का अंत हो जाता है।।

भक्त-हृदय का फूल भी तब, सुगंधित हो जाता है।।

Shyam Sundar Ka Saundarya

हे श्यामसुन्दर, तेरी छवि में, अनंत माधुर्य समाया है।।

तेरे बिना यह जीवन-सर, सूना-सा बन आया है।।

जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।
Swami Ji Maharaj
Swami Ji Maharajhttp://sansthanam.com
''स्वामी धनञ्जय महाराज'' जो वैदिक आध्यात्मिक वाङ्गमयी व्यास परम्परा कि विलक्षण तथा रसमयी वाग्धारा को प्रवाहित करने वाले परम संत हैं । जो हास्यात्मक एवं कवित्व कला से परिपूर्ण भागवत कथा के माध्यम से भक्तों के मन को अनायास ही भगवान श्री मुरली मनोहर कृष्ण के श्री चरणों में लगा देते हैं ।। स्वामी जी हिन्दी, गुजराती, अवधी एवं भोजपुरी में सरस भागवत कथा एवं श्री राम कथा कहते हैं । बदले में दक्षिणा की कोई मांग नहीं रखते जो मिल जाय उसी से संतुष्ट रहते हैं ।। स्वामी जी को ''वेंकटेश स्वामी का मंदिर'' सिलवासा (संघ शासित प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली) में भगवत्कृपा से सेवा का अवसर मिला । पूरी निष्ठा से भगवान की सेवा की । भगवत्कृपा से आज भी वहीँ रहकर भगवान की सेवा करते हुए भागवत जी की कथा का देश-विदेशों में रसमय गायन करते हैं तथा भगवद्भक्ति (भगवान के श्री चरणों) में अपना जीवन समर्पित कर आनन्द का अनुभव करते हैं ।।
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