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श्री त्रिदंडी देव सेवाश्रम संस्थान, सिलवासा में आपका हार्दिक अभिनन्दन है ।।

 
मित्रों, श्री त्रिदंडी देव सेवाश्रम संस्थान, सिलवासा. वैदिक ऋषियों के द्वारा निर्मित, वैदिक सनातन धर्म के सभी सूत्रों को, सही अर्थों में जन-जन को, समझाने के प्रयत्न में, जगद्वन्द्य, जगदाचार्य, प्रातः स्मरणीय, पूज्यपाद श्रीमद् विष्वक्सेनाचार्य श्री श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के जीवन के आदर्शों को निमित बनाकर, परम पूज्य, प्रातः स्मरणीय पूज्यपाद वैष्णवाधिराज श्री श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के परम शिष्य “स्वामी धनञ्जय महाराज” के नेतृत्व में संत सेवा एवं बड़े स्वामी जी के आदर्शों तथा धर्म के विस्तार हेतु निर्मित एक संस्था है । जिसका सञ्चालन लोक कल्याण मिशन चैरिटेबल ट्रस्ट सिलवासा के सभी मेम्बरों की स्वेच्छा एवं सहयोग से होता है।।
 
स्वयं माता महालक्ष्मी द्वारा स्थापित  “श्री वैष्णव”  संप्रदाय, जो परमादरणीय साक्षात् शेषावतार “श्री श्री रामानुज स्वामी” जी के द्वारा विस्तृत किया गया है। यह श्री वैष्णव संप्रदाय, जो भक्ति की अद्भुत विधा को परिलक्षित करता है, ऐसे इस संप्रदाय तथा आदरणीय रामानुज स्वामी के सूत्रों को सम्पूर्ण भारतवर्ष के जन-जन तक पहुँचाने के प्रयत्न में पूज्यपाद श्रीमद् विष्वक्सेनाचार्य श्री श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के शिष्यों की संख्या इतनी विस्तृत हो गयी, की आज जहाँ-जहाँ उनके शिष्य वैष्णव जन निवास करते हैं, वहां-वहां धर्म के विस्तारार्थ, निस्वार्थ भाव से इस संस्थान (श्री त्रिदंडी देव सेवाश्रम संस्थान) को निमित्त बनाकर धर्म प्रचार में लगे हुए है।। About Sanstha. अबाउट संस्था.
 
इसी वैष्णव परम्परा को परम्परागत और निःस्वार्थ भाव से दादरा नगर हवेली (यूनियन टेरेटरी) सिलवासा में स्वामी धनञ्जय प्रपन्न रामानुज वैष्णव दास के द्वारा निर्वहन करते हुए, इन्हीं के नेतृत्व में “श्री त्रिदंडी देव सेवाश्रम संस्थान, सिलवासा” की संस्थापना की गयी है।।
 
वैदिक सनातन धर्म के सभी पहलू को ध्यान में रखते हुए, एक विश्व स्तरीय वैष्णवाश्रम के निर्माण की प्रक्रिया इस दास द्वारा आरम्भ की गयी है, जहाँ संत, ब्राह्मण एवं गौ की सेवा, संस्कृति एवं सद्शिक्षा का प्रसार जैसे सत्कर्मों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।।
 
अत: आप भी इस महान कार्य में सहभागी बनकर, माता महालक्ष्मी एवं भगवत्स्वरूप पूज्यपाद श्री श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के कृपापात्र बनें।।
 
श्री त्रिदंडी देव सेवाश्रम संस्थान, सिलवासा ।। (श्री वेंकटेश देवस्थानम)
 
आवेदक एवं संचालक – “श्री वैष्णवों” का सेवक – स्वामी धनञ्जय प्रपन्न रामानुज वैष्णव दास ।।
 
(लोक कल्याण मिशन चेरिटेबल ट्रस्ट {रजिस्टर्ड नंबर – 1333.})
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Swami Ji Maharaj
Swami Ji Maharajhttp://sansthanam.com
''स्वामी धनञ्जय महाराज'' जो वैदिक आध्यात्मिक वाङ्गमयी व्यास परम्परा कि विलक्षण तथा रसमयी वाग्धारा को प्रवाहित करने वाले परम संत हैं । जो हास्यात्मक एवं कवित्व कला से परिपूर्ण भागवत कथा के माध्यम से भक्तों के मन को अनायास ही भगवान श्री मुरली मनोहर कृष्ण के श्री चरणों में लगा देते हैं ।। स्वामी जी हिन्दी, गुजराती, अवधी एवं भोजपुरी में सरस भागवत कथा एवं श्री राम कथा कहते हैं । बदले में दक्षिणा की कोई मांग नहीं रखते जो मिल जाय उसी से संतुष्ट रहते हैं ।। स्वामी जी को ''वेंकटेश स्वामी का मंदिर'' सिलवासा (संघ शासित प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली) में भगवत्कृपा से सेवा का अवसर मिला । पूरी निष्ठा से भगवान की सेवा की । भगवत्कृपा से आज भी वहीँ रहकर भगवान की सेवा करते हुए भागवत जी की कथा का देश-विदेशों में रसमय गायन करते हैं तथा भगवद्भक्ति (भगवान के श्री चरणों) में अपना जीवन समर्पित कर आनन्द का अनुभव करते हैं ।।
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