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बंसी वाले के चरणों में सर हो मेरा।। Bansi Wale Ke Charanon Me

बंसी वाले के चरणों में सर हो मेरा।। Bansi Wale Ke Charanon Me.

बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,
फिर ना पूछो, कि उस वक़्त क्या बात है ।
उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,
फिर ना पूछो कि कैसी मुलाक़ात है ।।

बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,  फिर ना पूछो, कि उस वक़्त क्या बात है ।
उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा, फिर ना पूछो कि कैसी मुलाक़ात है ।।

यह ना चाहूँ की, मुझ को खुदाई मिले,
यह ना चाहु, मुझे बादशाही मिले ।
ख़ाक दर की मिले ये मुकद्दर मेरा,
इससे बढ़कर बताओ क्या सौगात है ।।
बंसी वाले के चरणों मे सर हो मेरा..

हो गुलामी अगर आली दरबार की,
ये खुदाई भी है बादशाही भी है ।
दासी दर की भिखारिन बनु जिस वक़्त,
इससे बढकर बताओ की क्या बात है ।।
बंसी वाले के चरणों मे सर हो मेरा..

गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है। श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है ।।
गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है। श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है ।।

गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है। श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है ।।
गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है। श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है ।।
बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,
फिर ना पूछो, कि उस वक़्त क्या बात है ।
उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,
फिर ना पूछो कि कैसी मुलाक़ात है ।।

क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।

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जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।

Swami Ji Maharaj
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''स्वामी धनञ्जय महाराज'' जो वैदिक आध्यात्मिक वाङ्गमयी व्यास परम्परा कि विलक्षण तथा रसमयी वाग्धारा को प्रवाहित करने वाले परम संत हैं । जो हास्यात्मक एवं कवित्व कला से परिपूर्ण भागवत कथा के माध्यम से भक्तों के मन को अनायास ही भगवान श्री मुरली मनोहर कृष्ण के श्री चरणों में लगा देते हैं ।। स्वामी जी हिन्दी, गुजराती, अवधी एवं भोजपुरी में सरस भागवत कथा एवं श्री राम कथा कहते हैं । बदले में दक्षिणा की कोई मांग नहीं रखते जो मिल जाय उसी से संतुष्ट रहते हैं ।। स्वामी जी को ''वेंकटेश स्वामी का मंदिर'' सिलवासा (संघ शासित प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली) में भगवत्कृपा से सेवा का अवसर मिला । पूरी निष्ठा से भगवान की सेवा की । भगवत्कृपा से आज भी वहीँ रहकर भगवान की सेवा करते हुए भागवत जी की कथा का देश-विदेशों में रसमय गायन करते हैं तथा भगवद्भक्ति (भगवान के श्री चरणों) में अपना जीवन समर्पित कर आनन्द का अनुभव करते हैं ।।
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