प्रियतम कन्हैया से प्रेमभरी शायरियां।। Pritam Ko Prembhari Shayari.
मेरे प्यारे कन्हैया! मेरे प्रियतम कान्हा जी!
कसूर तो था ही मेरी इन निगाहों का।
जो चुपके से प्रियतम तेरा दीदार कर बैठा।।
हमने तो खामोश रहने की ठानी ली थी।
पर ये बेवफा मेरी ज़ुबान इज़हार कर बैठा।।
तू हमसफ़र, तू हम डगर, तू हमराज, नजर आता है।
मेरी अधूरी सी जिंदगी का.. ख्वाब नजर तूं आता है।।
कैसी उदास है जिंदगी कन्हैया तेरे बिन हर लम्हा।
मेरे हर लम्हे में सिर्फ तेरा ही अहसास नजर आता है।।
कभी तो आ भी जाओ प्रियतम ! क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।
।। नारायण सभी का कल्याण करें ।।
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जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम् ।।
।। नमों नारायण ।।
