HomeArticlesKrishna Prem Ki Shayariyanप्रियतम कन्हैया से प्रेमभरी शायरियां।।

प्रियतम कन्हैया से प्रेमभरी शायरियां।।

प्रियतम कन्हैया से प्रेमभरी शायरियां।। Pritam Ko Prembhari Shayari.

मेरे प्यारे कन्हैया! मेरे प्रियतम कान्हा जी!
कसूर तो था ही मेरी इन निगाहों का।
जो चुपके से प्रियतम तेरा दीदार कर बैठा।।
हमने तो खामोश रहने की ठानी ली थी।
पर ये बेवफा मेरी ज़ुबान इज़हार कर बैठा।।

तू हमसफ़र, तू हम डगर, तू हमराज, नजर आता है।
मेरी अधूरी सी जिंदगी का.. ख्वाब नजर तूं आता है।।
कैसी उदास है जिंदगी कन्हैया तेरे बिन हर लम्हा।
मेरे हर लम्हे में सिर्फ तेरा ही अहसास नजर आता है।।

कभी तो आ भी जाओ प्रियतम ! क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।। 

।। नारायण सभी का कल्याण करें ।।
 
 
मित्रों, नित्य नवीन सत्संग हेतु कृपया इस पेज को लाइक करें – www.facebook.com/swamidhananjaymaharaj
 
जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम् ।।
 
।। नमों नारायण ।।
Swami Ji Maharaj
Swami Ji Maharajhttp://sansthanam.com
''स्वामी धनञ्जय महाराज'' जो वैदिक आध्यात्मिक वाङ्गमयी व्यास परम्परा कि विलक्षण तथा रसमयी वाग्धारा को प्रवाहित करने वाले परम संत हैं । जो हास्यात्मक एवं कवित्व कला से परिपूर्ण भागवत कथा के माध्यम से भक्तों के मन को अनायास ही भगवान श्री मुरली मनोहर कृष्ण के श्री चरणों में लगा देते हैं ।। स्वामी जी हिन्दी, गुजराती, अवधी एवं भोजपुरी में सरस भागवत कथा एवं श्री राम कथा कहते हैं । बदले में दक्षिणा की कोई मांग नहीं रखते जो मिल जाय उसी से संतुष्ट रहते हैं ।। स्वामी जी को ''वेंकटेश स्वामी का मंदिर'' सिलवासा (संघ शासित प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली) में भगवत्कृपा से सेवा का अवसर मिला । पूरी निष्ठा से भगवान की सेवा की । भगवत्कृपा से आज भी वहीँ रहकर भगवान की सेवा करते हुए भागवत जी की कथा का देश-विदेशों में रसमय गायन करते हैं तथा भगवद्भक्ति (भगवान के श्री चरणों) में अपना जीवन समर्पित कर आनन्द का अनुभव करते हैं ।।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments