कृष्ण-नाम का प्रकाश।। Krishna Nam Ka Prakash.
भूमिका:-
कृष्ण-नाम का स्मरण केवल उच्चारण नहीं, बल्कि एक आंतरिक साधना है, जो मन को निर्मल और चेतना को प्रकाशित करती है। यह नाम स्वयं में ही एक दिव्य प्रकाश है। इस रचना में उसी आलोक का वर्णन है। श्रीकृष्ण-नाम की महिमा, उसके आलोक और आध्यात्मिक प्रभाव पर आधारित यह संस्कृतनिष्ठ हिंदी शायरी अत्यंत प्रभावशाली है।।
शायरी:-
कृष्ण-नाम का दीप जले तो, अंधकार नहीं रह पाता।।
मन का हर एक संशय उस क्षण, मौन होकर बिखर जाता।।
श्रीहरि का स्मरण करते ही, अंतर में उजियारा छाए।।
भ्रांतियों का घना कुहासा, स्वयं विलीन हो जाए।।
जिसने नित्य उनका नाम लिया, उसने सत्य को पा लिया।।
जीवन के इस पथ पर उसने, अनमोल अमृत पा लिया।।

कृष्ण-नाम का एक उच्चारण, कोटि यज्ञ से बढ़कर है।।
भक्त के लिए यही मंत्र सदा, सर्वश्रेष्ठ और सुन्दर है।।
जय श्रीमन्नारायण ।।
